अपनी पहचान बनाएं कुछ हट के

हर नारी की इच्छा होती है कि वह अपनी कुछ अलग ही पहचान बनाए। उसके लिए उसे आत्मविश्वासी व मृदुभाषी बनना पड़ता है। अलग व्यक्तित्व वाली महिला कहीं हो तो वहां का माहौल कुछ अद्भुत सा लगता है और मौजूद लोग अच्छा अनुभव करने लगते हैं। यदि आप भी अपनी पहचान अलग बनाना चाहती हैं तो ध्यान दें कुछ मंत्रमुग्ध कर देने वाली बातों पर।
अपने शारीरिक हाव-भाव, उठने बैठने के अंदाज ऐसे रखें जिससे आपके व्यक्तित्व में चार चांद लगें। चलते समय अपने कंधों को सीधा तथा ऊंचा रखें। झुकी गर्दन आपके व्यक्तित्व में निखार लाने के स्थान पर आपके ढीलेपन को दर्शाएगी। गर्दन सीधी रखें। चलते हुए इत्मीनान से चलें, बात करते समय सिर झुकाकर नहीं, सिर उठाकर बात करें।
परिधान आपके व्यक्तित्व को चार चांद लगाते हैं, आपको अधिक आकर्षक बनाते हैं, इसलिए परिधानों के रंगों का चयन सही करें और फैशन की दौड़ में जो परिधान आपको फबते हों, वही खरीदें। कुछ सदाबहार परिधान जो आपको अधिक आकर्षक लुक देते हों, उन्हें विशेष अवसरों पर पहनें और विशिष्ट दिखें। अपनी अलमारी में बहुरंगी, विविध डिजायनों के परिधानों का संग्रह रखें ताकि विभिन्न अवसरों पर जाते समय कोई कभी महसूस न हो।
स्वयं को सक्रिय बनाए रखें। आलस को अपने पास फटकने न दें। जब थकान महसूस हो, थोड़ा आराम कर उस स्थिति से उबरने का प्रयास करें। आराम करते समय सिर को ऊंचाई पर न रखकर पैरों को थोड़ा ऊंचा रखें ताकि रक्त संचार की प्रक्रिया सुचारू रह सके। आंखें बंद कर पुरानी अच्छी यादों में खो जाएं। 15 मिनट के बाद आप स्वयं को तरोताजा पाएंगी। अधिक परिश्रम और भागदौड़ के बाद शरीर को उचित आराम देकर अपने को पुन: स्फूर्तिवान बना सकते हैं।
व्यक्तित्व को निखारने में उचित आहार का भी योगदान होता है। चिकनाई युक्त भोजन के स्थान पर ताजे फल सब्जियों का सेवन करें। फ्रिज में रखे बासी भोजन से परहेज करें। दही, पनीर, दूध, दालें, सोयाबीन, अंकुरित अनाज लें। भोजन संतुलित लें और भरपेट भोजन न करें। पेट अधिक भर जाने पर शरीर आलस्य का शिकार हो जाता है।
आशावादी दृष्टिकोण बनाएं। जो लोग नकारात्मक विचारों, ईष्र्या, द्वेष, तनावों से घिरे रहते हैं वे अपने अच्छे भले व्यक्तित्व को बिगाड़ देते हैं। जो लोग खुशमिजाज रहते हैं, वे स्वस्थ रहते हैं और उनका व्यक्तित्व खिला-खिला रहता है। उनके चेहरे पर कुदरती रौनक बनी रहती है। उन्हें सौंदर्य प्रसाधनों की अधिक आवश्यकता भी महसूस नहीं होती।
चेहरा मन का आईना होता है, इसलिए इस पर भी विशेष ध्यान दें। दिन भर के प्रदूषण भरे वातावरण में चेहरे पर धूल कण एकत्र हो जाते हैं जिनसे रोम कूप बंद हो जाते हैं और चेहरे की त्वचा ताजी हवा लेने में असमर्थ हो जाती है जिसके कारण चेहरा मुरझाया सा लगता है। ऐसे में आवश्यकता होती है नियमित देखभाल की। रात्रि में सोने से पहले दूध में रूई के फाहे को भिगोकर चेहरे पर मलें, कुछ देर बाद चेहरा रगड़कर धो लें। आपका चेहरा खिला और चमकदार बना रहेगा।
इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कई समानताओं के बावजूद आप अपनी पहचान अलग रख सकते हैं। —————— (उर्वशी)




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