आपका तकिया कैसा हो ?

रात को सोते समय तकिये की अहम् भूमिका होती है क्योंकि तकिया हमारे सिर और कंधों को सहारा देता है कुंभकरण की तरह 6 महीने न सही मगर हमारी जिंदगी का एक तिहाई हिस्सा तो सोने में ही निकल जाता है। तो क्यों न थोड़ा बहुत समय सही तकिया चुनने में लगाया जाए जिससे गरदन और सिर दर्द की समस्या न हो और नींद भी अच्छी आए। इन तकियों को आजमा कर देखें। इनसे आपको आराम जरूर मिलेगा।
ठोस तकिया – अगर आप एक तरफ करवट लेकर सोती हैं तो यह तकिया आपके लिए बेहतरीन साबित होगा। आप को बस एक बात का ध्यान रखना है कि आपके तकिए की ऊंचाई आपके कंधों की ऊंचाई तक आए।
मध्यम से ठोस तकिया – पीठ के बल सोनेवालों के लिए ऐसे तकिये जो थोड़े कम नरम होते हैं, अच्छे रहते हैं। इनके इस्तेमाल से न तो आपको आगे की ओर होकर और न ही पीछे की ओर सिर झुकाकर सोने की आवश्यकता है।
मुलायम तकिया – पेट के बल सोना ठीक नहीं रहता, फिर भी पेट के बल सोने की आदी हैं तो ये तकिए आपके लिए आरामदायक साबित होंगे लेकिन ये इतने मुलायम होते हैं कि इसमें सोते समय सिर आगे पीछे होता है जिससे गरदन व रीढ़ की हड्डी में तनाव पैदा होता है।
तकिये की देखभाल
– तकिये को नियमित रूप से साफ करें। सिथेटिक तकियों को वाशिंग मशीन में धोया जा सकता है। दूसरे तकियों को ड्राईक्लीन कराएं।
– रूई के तकिये को कभी भी वाशिंग मशीन में न धोएं, न ही इन्हें मोड़ कर पैरों के बीच में लगाएं। ऐसा करने से रूई एकदम टूट जाएगी।
– तकिये पर हमेशा गिलाफ या कवर चढ़ाकर रखें। ये गिलाफ सूती व जिप वाले हों तो बेहतर है। इससे तकिये ज्यादा समय तक चलते हैं और सूती गिलाफ होने से गरम भी नहीं रहते और नींद अच्छी आती है।
– सेमल की रूई का तकिया प्रयोग करें। यह बेहद कोमल और आरामदायक रहता है।
– फोम के तकिये सिर के तापमान और वजन के हिसाब से आकार ले लेते हैं। ये भी आरामदायक साबित होते हैं। ये तकिये काफी लंबे समय तक बिना टूटे चल जाते हैं।
– अगर सरवाइकल की समस्या है तो मोटा तकिया न लें, या हो सके तो तकिये का प्रयोग न ही करें। बेहतर होगा कि डॉक्टर की सलाह लें।
– तकिये की रूई को कम से कम साल में दो बार जरूर धुनवाएं। तकियों को भी गद्दों की तरह धूप में रखें। इससे इसमें खटमल नहीं होते।
– सोने के लिए गाव तकिये न लगाएं। इससे सिर में दर्द हो सकता है।
– तकिये सालों पुराने हैं तो उसे बदल लें। हफ्ते में एक बार तकिया गिलाफ और बेड कवर जरूर धोएं।
– अपना तकिया हमेशा अलग रखें क्योंकि यह आपके सिर का आकार लेकर आपके हिसाब से बन जाता है।
– बच्चों के लिए हमेशा मुलायम तकिया लें। उन्हें कभी भी मोटे तकिये न दें।
—————-अंजलि रूपरेला




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