ऑफिस में बचें इन आदतों से

ऑफिस वातावरण में अपने व्यक्तित्व को बनाए रखने के लिए हमें अपने व्यवहार में कुछ बदलाव लाने चाहिए ताकि ऑफिस वातावरण महकता रहे। ऑफिस क्लीग्स कुछ बड़ी, कुछ छोटी उम्र के होते हैं आपसे और कुछ हमउम्र भी। उन सबके साथ कैसे तालमेल बना रहे, वो निजी रूप पर निर्भर करता हैं। अपने बॉस, गु्रप लीडर, ऑफिस ब्वॉय से आपका व्यवहार मधुर होना चाहिए। इनके अलावा कुछ हमारी आदतें ऐसी होती हैं जिनमें सुधार की आवश्यकता होती है। अगर हर कोई अपनी आदत सुधार ले तो ऑफिस में काम का मजा ही कुछ अलग होगा।
आज का काम कल पर न छोड़ें। अगर करियर में आगे बढऩा चाहते हैं तो काम को समयानुसार पूरा करते रहें नहीं तो जीवन के मुकाम पर पहुंचने में देरी हो सकती है।
अपनी असफलता का रोना न रोएं, न ही दूसरों की सफलता पर ईष्र्या करें। बहुत से लोग इन आदतों के कारण हमेशा भगवान को कोसते हैं और हमेशा दूसरों की शिकायत के मूड में रहते हैं। उस आदत को छोड़ दें। सफलता या असफलता काफी हद तक अपने हाथों में होती है। इस बात को समझें।
हर किसी में खामियां ढंूढना और आलोचना करना भी आपको असफलता का रास्ता दिखाएगा।
नेगेटिव लोगों से बच कर रहें। स्वयं पॉजिटिव रहें क्योंकि काम को आगे बढ़ाने में पॉजिटिव सोच ही लाभप्रद होती है।
कुछ लोग मामले को न समझकर झगडऩा प्रारम्भ कर देते हैं जो ऑफिस वातावरण को ग्रहण लगाता है। मामले की नजाकत को समझें। अगर आप गलत हैं तो अपनी गलती समझें और दूर करने
का प्रयास करें। पुन: उस गलती को न दोहराएं।
हर इंसान की ऑफिस में तारीफ भी होती है और आलोचना भी क्योंकि कुछ चीजें आपके हिसाब से सही हैं और दूसरे के लिए वे गलत हो सकती हैं। अगर वे आपकी आलोचना करें तो बुरा न माने। अपना सही पक्ष भी विनम्रता पूर्वक रखें। अगर आपकी कोई आलोचना करता है तो उसे शांति पूर्वक सुनें और अपनी कमियां दूर करें। इस प्रकार आप धीरे धीरे मि. राइट बन सकते हैं।
अपने आपको बचाने के लिए गलत तरीकों का सहारा न लें। एक दो बार तो आप इस लॅाजिक से बच निकलेंगे पर बार-बार नहीं। गलती हुई है तो मान लेने में कोई बुराई नहीं है।
काम करेंगे गलती तो होगी ही। अगर आपकी गलती को कोई सुधारता है तो उसे उम्र भर याद न करें भूल जाएं और काम को सही तरीके से करने का प्रयास करें। अगर आप हमेशा गलती के बारे में सोचते रहेंगे तो आपका कांफिडेंस कम हो जाएगा। जो हो गया, उसे भूल कर आगे बढऩे का प्रयास करें।
कभी अपने कलीग से ईष्र्या न करें।
काम के समय घर के तनाव को घर पर ही छोड़ आने में भलाई है। तभी आप दिल लगाकर काम कर सकते हैं। ——————- (उर्वशी)




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