कहीं आप सैर-सपाटे पर तो नहीं जा रहे?

‘सैर सपाटा’ शब्द सैर व सपाटा, इन दो शब्दों का यौगिक रूप है। ‘सैर’ मूल रूप से फारसी शब्द है जिसका अर्थ है मन बहलाने के लिए घूमना-फिरना या वायुसेवन के लिए भ्रमण करना। इसे अंग्रेजी के ‘एक्सकर्शन’ का हिन्दी पर्याय कहा जा सकता है। सैर सपाटा अर्थ वाले अन्य प्रचलित शब्द हैं-पर्यटन, भ्रमण, यात्र और सफर। ‘सफर’ मूल फारसी का है और ‘यात्रा’ संस्कृत का। दोनों शब्द एक-दूसरे के पर्यायवाची शब्द हैं।
जहां तक आम लोगों के सैर सपाटे का सवाल है, ताजमहल, लाल किला, कुतुब मीनार, चारमीनार, अमरनाथ, वैष्णो देवी मंदिर, कश्मीर, केरल, उदयपुर, भेड़ाघाट, पंचमढ़ी, अटकमंड, कोडाई कनाल, शिमला, कुल्लू-मनाली, सांची, अजंता, खजुराहों, महाबलेश्वर, कोणार्क आदि सैर सपाटे के उपयुक्त स्थान हैं।
सैर सपाटे की परम्परा अत्यंत प्राचीन है। उस जमाने में ट्रांसपोर्ट की सुविधाएं नहीं थी किन्तु लोग दुर्लभ स्थलों की सैर के लिए पैदल भी चल निकलते थे।
यदि आप भी सपरिवार, मित्रमंडली संग सैरसपाटे पर जाने का मूड बना रहे हैं तो देर मत कीजिए। शीघ्र ही कार्यक्रम बनाइये और निकल पडिय़े सैर सपाटे पर लेकिन कुछ बातें ध्यान में रखते हुए अन्यथा सैर का मजा किरकिरा होते समय नहीं लगेगा। आइये ऐसी ही कुछ खास बातों पर खुलकर नजर दौड़ाएं।
कैसे करें स्थल का चयन:- भारत एकता में अनेकता का प्रतीक है। विविधताओं और विशिष्टताओं से भारत भूमि भरी है। समुन्दर का किनारा भी है और झीलें, जलप्रपात भी। हरी भरी घाटियों में स्थित बर्फीली चोटियां भी हैं तो कल कल बहती नदियां और उनके किनारे बने प्राचीन मंदिर भी! ऐतिहासिक किले, स्मारक, गुफाएं, गुंबद भी देखने लायक हैं। चार धामों के अलावा हजारों मंदिर भी हैं जहां लोग मनोकामना पूर्ति हेतु जाते हैं।
यदि आप प्रकृति से प्रेम करते हैं, वन्य जीव एवं वन्य संपदा को नजदीक से देखना व समझना चाहते हैं तो हर वर्ष या फिर वह तीसरे वर्ष किसी भी एक दिशा में पर्यटन का लुत्फ उठाने का मानस बना लें। एक दशक में करीब-करीब भारत भ्रमण का सुअवसर प्राप्त कर जायेंगे। टै्रवल एजेंसियों से संपर्क करें और कार्यक्रम बनाएं।
कैसे जाएं और कहां से शुरू करें तैयारियां:- सैर सपाटे हेतु स्थानों के चयन की प्रक्रिया पूरी होते ही जाने की तैयारियां शुरू कर दें। सर्वप्रथम रेल, बस अथवा जहाज से यात्रा का टिकट आरक्षित करा लें। मौसम के अनुकूल पर्यटन स्थलों के चयन में ही समझदारी है। एहतियात के तौर पर आकस्मिक दुर्घटनाओं का सामना करने के लिए प्राथमिक उपचार की सारी सामग्री व विशिष्ट औषधियों का पर्याप्त स्टॉक साथ रखना कभी न भूलें। सामान उतना ही लें जितना जरूरी है। व्यर्थ का बोझा उचित नहीं होगा।
सैर-सपाटे के दौरान सावधानियां:-
सर्वप्रथम हमें जाने वाले स्थानों की विस्तृत जानकारी एकत्र कर लेनी चाहिए। शासकीय पर्यटन निगमों द्वारा प्रकाशित विशेषांक, रेलवे टाइम टेबल व अन्य जानकारी साथ रखें। पर्यटन के दौरान दिन में ही भोजन करें। ज्यादा दिन टिकने वाले खाद्य व्यंजन साथ में रखें। अनावश्यक महंगी सामग्री साथ न ले जाएं। सहयात्रियों पर ज्यादा विश्वास न करें। अपने सामान की सूची, जरूरी पते व फोन नंबर्स साथ रखें। अनावश्यक धन जेब में न रख कर डेबिट, क्रेडिट व ए टी एम सेवाओं का लाभ उठाएं। अपरिचित लोगों से मेल जोल न बढ़ाएं।
लौटते समय खरीदी गई वस्तुओं का ध्यान रखें:- सैर-सपाटे के दौरान मार्केटिंग की आदत ठीक नहीं। खरीदना ही है तो वही खरीदें जो आपके शहर में आसानी से नहीं मिलता, मिलता भी है तो महंगा। खरीदी हुई चीजों को अलग बैग में रखें। नाजुक वस्तुओं को सूटकेस में कपड़ों के बीच अच्छी पैकिंग कर रखें। मित्र-मंडली हेतु खरीदी गई सामग्री पर नाम लिख कर रखें और उनकी भी सूची जेब में रखें।
पैकेज टूर्स में सामान के रख-रखाव की उतनी फिक्र नहीं रहती जितनी अकेले यात्रा के दौरान। अकेले यात्री को अन्य सहयात्रियों से ज्यादा खुलकर बातचीत नहीं करनी चाहिए। सफर के दौरान अपना पता व फोन नंबर किसी अजनबी व्यक्ति को कदापि न दें अन्यथा व्यर्थ की मुसीबत में फंस सकते हैं। ————– (उर्वशी)




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