कैसा हो आपका स्नानघर

साफ-सुथरा घर सभी को अच्छा लगता है। चाहे घर छोटा ही क्यों न हो, सुव्यवस्थित ढंग से सजा होने पर वही
छोटा घर ‘एक बंगला हो न्यारा‘ सा लगता है।
घर को साफ रखने के लिए परिवार का प्रत्येक सदस्य बराबर का हकदार होता हैै। यदि घर की सफाई के साथ स्नानघर और शौचालय की सफाई पर भी पूरा ध्यान दिया जाये तो बात ही कुछ और होती है। इनकी उचित सफाई न रखने से घर में संक्रमण फैलता है। घर को संक्रमण से बचाने हेतु स्नानघर और शौचालय को साफ सुथरा रखें।
स्नानघरः-
-स्नानघर खुला और हवादार होना चाहिए जिसमें ताजी हवा और पर्याप्त रोशनी आती रहे।
-नहाने वाले साबुन को मोटे छिद्र वाली साबुनदानी में रखें ताकि साबुन के पानी में मच्छर न पनप सकें।
-गीले तौलिए को धूप लगवा कर वापिस स्नानघर में लटका दें। बॉडी ब्रश को अच्छी तरह धोकर, सुखा कर प्रयोग में लाएं। यथासंभव सब सदस्यों के तौलिए और स्क्रबर आदि अलग-अलग होने चाहिए।
-साबुनदानी को भी साफ करके रखें।
वाशबेसिनः-
-वॉशबेसिन में बाल, साबुन के टुकड़े व अन्य कोई कचरा न डालें वरना नाली रूक जाने पर परेशानी उठानी पड़ सकती है।
-वॉशबेसिन के शीशे पर बिंदी न चिपकायें।
-वॉशबेसिन के पास टॉवल राड सीधा लगवायें जिससे तौलिया इकट्ठा न हो सके और सूखता रहे।
-वॉशबेसिन रूकने पर उसकी जाली पर एक कप सोडा डालकर दो या ढाई लिटर गर्म पानी डालें। पाइप खुल जायेगा।
-दांत साफ करने के बाद वॉशबेसिन को विम पाउडर से प्रतिदिन साफ करें।
शौचालयः-
-चाहे शौचालय इंडियन हो या वेस्टर्न, प्रयोग करने के बाद फ्लश अवश्य चलायें।
-मूत्रा त्यागने के बाद दो-तीन डिब्बे पानी डालें।
– शौचालय के नल को प्रयोग करने के बाद उस पर साफ पानी डालें।
-शौचालय में ‘फ्रेशनर‘ आदि लगा कर रखें जिससे बदबू इकट्ठी न हो।
-सबके शौच जाने के उपरान्त कुछ समय के लिए ‘एक्जास्ट फैन‘ चलायेें।
-प्रतिदिन शौचालय को विम पाउडर से साफ करें।
-सप्ताह में दो बार ‘एन्टी सेप्टिक लिक्विड क्लीनर‘ डाल कर शौचालय सीट को साफ करें। कम से कम एक बार तो ऐसा जरूर करें। (उर्वशी)

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