घर को बनाएं प्रदूषण मुक्त

अच्छा, सुन्दर, आकर्षक, प्रदूषण रहित घर का सपना तो सभी का ही होता है क्योंकि प्रदूषण तो आजकल बड़ा चिंता का विषय है। बाहर भी प्रदूषण और यदि घर भी प्रदूषित हो तो स्वास्थ्य पर कितना दुष्प्रभाव पड़ेगा। घर से बाहर तो धूल और धुएं से स्वयं को बचाना बहुत मुश्किल है पर घर को हम प्रदूषण रहित रखने का प्रयास कर सकते हैं।
-हमें अपने घर की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए जैसे कमरे के कोनों में लगे जाले, दीवारों पर और घरेलू सामान पर जमी मिट्टी आदि। इनकी सफाई हमें नियमित करते रहना चाहिए।
-अपने घर को कीड़ों, मकौड़ों, चींटियों, कॉकरोचों से बचा कर रखना चाहिए। घर के फर्श, बाथरूम, दीवारें, छत आदि को नमी और सीलन से बचा कर रखना चाहिए क्योंकि नमी और सीलन भरे वातावरण में कीड़े, मकौड़े और कॉकरोच तेजी से पनपते हैं।
– घर में दरवाज़े व खिड़कियां ऐसी होनी चाहिए जहां क्रॉस वेंटिलेशन रहे ताकि ताजी हवा और धूप घर में प्रवेश कर सकें।
– किचन में एग्जॉस्ट फैन अवश्य लगाएं ताकि खाने से उठने वाला धुआं घर में न फैल पाये या फिर चिमनी लगवायें। चिमनी और एग्जॉस्ट फैन की समय-समय पर सफाई करवाते रहनी चाहिए।
– घर पर यदि एअर कंडीशनर, कूलर आदि हों तो उनकी सफाई नियमित रूप से करते रहें। बरसातों में विशेष ध्यान दें कि कूलर में पानी न रहे। उसे सुखा कर रखें। जिन दिनों पानी वाला कूलर चलायें, सप्ताह में एक बार कुछ बूंदें मिट्टी के तेल की डालते रहें ताकि मच्छर पनपने न पाएं। पानी को बदलते रहे।
-घर में फर्नीचर हमेशा अच्छी क्वालिटी का रखें, विशेषकर लकड़ी वाला क्योंकि यदि लकड़ी पुरानी और अच्छी नहीं होगी तो उसे दीमक लगने का खतरा बना रहेगा।
-बिजली के उपकरणों के साथ अच्छी क्वालिटी का तार आदि लगायें। घटिया तारों की बदबू से घर में प्रदूषण फैलता है।
-कुकिंग गैस की पाइप समय-समय पर जांच करवाते रहें। जब भी लगे कि पाइप पुराना हो गया है या गल रहा है तो तुरन्त नया पाइप लगवा लें।
– शेष बचे पेंट आदि के डिब्बे को घर में जगह न दें क्योंकि इनके कैमिकल्स सेहत पर दुष्प्रभाव डालते हैं।
– कालीन आदि की सफाई पर विशेष ध्यान दें। इन्हें समय-समय पर ड्राइक्लीन करवाते रहें और वेक्यूम क्लीनर से साफ करते रहें। माह में दो बार धूप लगवाते रहें ताकि कीटाणु पनपने न पाएं। सींक वाले झाडू या ब्रश से प्रतिदिन सफाई करें। दो सप्ताह में एक बार मिट्टी के तेल का स्प्रे कर दें।
– धूम्रपान सेहत के लिए नुकसानदेह है। घर के अंदर तो कभी भी धूम्रपान न करें। अतिथि को भी प्यार से समझाएं नहीं तो उसे धूम्रपान हेतु बाहर ले जाएं। धूम्रपान जितना करने वाले की सेहत को नुकसान पहुंचाता है, उतना ही दूसरों की भी सेहत पर बुरा प्रभाव डालता है।
– यदि घर से कॉकरोच आदि नहीं जाते तो पेस्ट कंट्रोल कंपनी से संपर्क कर पेस्ट कंट्रोल करवायें।
-घर के गद्दों और सिरहानों को धूप लगवाते रहें ताकि कीटाणु पनपने न पाएं।
– डोर मैट, परदों और सोफों आदि को वैक्यूम क्लीनर से साफ करते रहें ताकि मिट्टी जमने न पाएं।
-रसोई के शैल्फ आदि की सफाई करते रहें।
-घर में कबाड़ को इकट्ठा न करें। उन्हें बाहर का रास्ता दिखाते रहें क्योंकि कबाड़ पर कीड़े-मकौड़े अपने पैर शीघ्रता से फैलाते हैं।
-पालतू जानवर घर पर हों तो उनकी सफाई, उनके रहने के स्थान पर विशेष ध्यान दें। जानवरों को बिस्तर या कालीन पर न जाने दें। उनके बालों से कई बीमारियां पैदा होती हैं। उन्हें अधिक गोदी में न लें।
-घर के कानों और स्टोर की सफाई समय-समय पर करते रहें। व्यर्थ सामान को साथ-साथ फेंकते रहें।

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