जब अचानक मेहमान आ जाएं

वैसे तो आज के व्यस्त जीवन में कोई किसी के घर बिना बुलाए और समय तय किए बिना आता ही नहीं। फिर भी कभी-कभी देखा गया है कि बिना बुलाए मेहमानों के आने पर गृहणियों के माथे पर तनाव की लकीरें उभर आती हैं। कभी अचानक ऐसा अवसर आ जाए तो एक गृहिणी को घर आये अतिथि का दिल से सत्कार करना चाहिए।
भारतीय संस्कृति में अतिथि को भगवान माना जाता है पर आधुनिक जीवन में व्यस्तता के कारण अतिथि सत्कार कठिन होता जा रहा है। अचानक आए अतिथि को देखकर हम तनाव अनुभव करने लगते हैं। यदि महिलाएं अपनी रसोई को थोड़ा व्यवस्थित करके चलें तो अनपेक्षित अतिथि की भाव भगत अच्छे ढंग से कर सकती हैं। आइए देखें कैसे:-
. सबसे पहले तो घर आए अतिथि का स्वागत मुस्कान से करें। उनको अंदर लाएं और प्यार से बैठाएं, फिर उनके लिए पानी लाएं।
. आते ही जलपान के लिए उनको अकेला छोड़ कर मत भागें। पांच सात मिनट उनकी और उनके परिवार की कुशलता के बारे में पूछें।
. जलपान का समय हो तो जलपान अवश्य व आग्रहपूर्ण तरीके से करायें।
. यदि अतिथि का आना भोजन के समय हुआ है तो घबरायें नहीं। जो भी घर में उपलब्ध हो, उसे अच्छे सलीके से पेश करें।
. घर में कुछ खाने-पीने का जरूरी सामान उपयुक्त मात्रा में रखें जैसे-नमकीन की दो-तीन किस्में, बिस्कुट की कुछ किस्में, जैम, पापड़, अचार, कुछ प्रकार के शरबत, टमाटो प्यूरी, पर्याप्त मात्रा में प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन, बेसन, दो-तीन कच्ची सब्जियां, चावल, दही में डालने वाली पकौड़ी, सलाद का सामान इत्यादि।
. अचानक खाने के समय कोई आ जाए तो सब्जी यदि कम मात्रा में हो तो फटाफट दही का रायता बना लें।
. खाना परोसते समय इस बात का ध्यान रखें कि खाना अच्छे सलीके से सजा कर साफ बर्तनों में परोसना चाहिए, जिससे खाने वाले का मन खुशी से खाने को करे।
. मेज पर अच्छा-सा मेजपोश बिछाएं और उपयुक्त क्राकरी सजा कर रखें।
. आप खाली समय में कुछ अधिक मसाला भून कर रख सकती हैं जो भोजन को शीघ्रता से बनाने में सहायक होगा। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की चटनी भी बना कर रखी जा सकती है। चटनी से भोजन का स्वाद बढ़ जाएगा।
. बीच-बीच में अतिथि से बात भी करते रहें जिससे वह बोर महसूस न करे पर इतना अधिक भी न बोलें कि उसे बोलने का मौका ही न मिले।
. अपने फ्रिज में कुछ उबले आलू हर समय तैयार रखें। इससे मेहमान के लिए परांठे या सब्जी जल्दी बनाने में सुविधा होगी।
. यदि बच्चों की परीक्षा चल रही हो तो मेहमान को स्पष्ट बता दें कि आजकल परीक्षाओं के दिन हैं जिससे अतिथि आपके और आपके बच्चों के कीमती समय को ध्यान में रख सकें।
. अतिथि जब घर वापिस जा रहे हों तो उसे बाहर इज्जत से छोड़ने जायें।
इस प्रकार आप अचानक आए मेहमान का सत्कार भी कर सकती हैं और उसके मन पर अच्छा प्रभाव भी डाल सकती हैं। बस थोड़ी सी समझदारी की जरूरत है। आप भी खुश, आपके मेहमान भी खुश। (उर्वशी)

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