जरूरी है ऑफिस में बैलेंस बनाकर चलना

ऑफिस में इतने लोगों के साथ इतने घंटे रहना, उनके साथ खाना-पीना, काम शेयर करना, वातावरण को एंजाय करना, अपना काम समय पर निपटाना, सही समय पर ऑफिस पहुंचना, अपने से सीनियर और जूनियर के साथ तालमेल बिठाना आदि और बहुत सी अन्य समस्याओं से जूझना होता है। बैलेंस बनाकर चलना कठिन तो है पर नामुमकिन नहीं।
कभी कभी आप अपने सहयोगियों को आराम से गप्पें मारते देखते होंगे, बाहर घूमते देखते होंगे और स्वयं आप काम में लगे रहते हैं। बस आपके पास समय ही नहीं है। काम का इतना दबाव है कि प्रतिदिन का काम निबट जाए यह ही बहुत है। ऐसे में इन सबका आपके स्वास्थ्य, स्वभाव और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अगर आप भी ऐसे ही कुछ जूझ रहे हैं तो सचेत  हो जाएं।
नहीं है समय आपके पास:-
आपके पास अपने सहयोगियों के पास बैठने का समय नहीं है, गप्पें मारने का समय नहीं है मन चाहते हुए भी आप अपने आपको काम के प्रेशर के कारण रोक देते हैं। ऐसे में आप अपने सहयोगियों से अलग थलग रहने लगते हैं। आपकी उनसे दूरियां बढ़ती जाती हैं और स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना स्वाभाविक हो जाता है।
अगर मन नहीं करता ऑफिस जाने का:- पहले आप प्रात: ताजगी लिए उठते थे और ऑफिस जाने के लिए उत्साहित रहते थे पर अब उत्साह कम हो रहा हो और रूचि न हो, ऑफिस में काम निबटाने का मन न करे, समय बिताना मुश्किल पड़े तो समझें कि आप ऑफिस में प्रेशर में रह रहे हैं।
निराशा का हावी होना:- कुछ बातों, कुछ चीजों को लेकर ऑफिस में मन निराश रहता है। किसी काम में उत्साह नहीं रहता, बस काम निपटाने तक सीमित रहते हैं आप तो ध्यान रखें निराशा आप पर हावी हो रही है। कहीं यह निराशा आपको अवसादों में न घेर लें। ऐसे में बैलेंस बनाना अति आवश्यक है।
कुछ पाकर भी कुछ महसूस नहीं करते आप:- अगर आपको आपके काम का अवॉर्ड भी मिलता है पर आपको उसमें सफलता महसूस नहीं होती, कुछ मोटीवेशन नहीं मिलती तो बेहतर है कि काम और अपने में बैलेंस बनाएं। कामों की सूची तैयार कर जरूरत अनुसार काम करें। कुछ समय रिलैक्स होने का भी रखें।
ऐसे में जरूरी है निदान:-
. अपने बॉस से अपने काम के बारे में बात करें।
. न कहना भी सीखें। बॉस को खुश रखने के चक्कर में हर काम की हामी न भरें।
. अपने लक्ष्य को पुन: अवलोकन कर तय करें।
. अपने काम और घर के प्रति कुछ कमिटमेंटस कम करें।
. बिना तनाव के काम को निपटाने की कला सीखें।
. आराम करें और पौष्टिक आहार लें।
. काम के बीच में थोड़ा ब्रेक लें।
. छुट्टियां अवश्य लें बिना काम के भी। घर पर पूरा आराम करें या बाहर छुट्टियों का आनन्द लेने के लिए निकलें। एनर्जी लेवल में बढ़ोत्तरी होगी और वापिस आकर आप नए जोश से काम में लगेंगे।
. चाय ब्रेक के समय अपने मित्र के साथ चाय का लुत्फ उठाएं और गप्पें मारें। —————— (उर्वशी)




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