ताकि नकली जेवरों की चमक फीकी न पड़े

सोने का मूल्य आसमान छूने के कारण आज के समय में स्वर्णाभूषणों को बनवाना सबके वश की बात नहीं रह गई है। आज की बढ़ती मंहगाई भी नारी के आभूषणों के शौक को खत्म करने पर ही तुली है। छीना-झपटी के डर से भी सोने-चांदी के गहनों को पहनना अपनी मौत को आमंत्राण देने के समान ही है। नारियों को आभूषणों का शौक तो पूरा करना ही है। इसके लिए मात्रा एक ही उपाय बचता है कि नकली गहनों को ही पहना जाए।
आज के नकली आभूषणों की चमक असली आभूषणों की चमक को भी मात दे रही है। इनकी खूबसूरती तथा चमक तो हीरे, सोने और चांदी के गहनों को भी अपने सामने फीका कर देती है। नकली आभूषणों का महत्त्व तभी तक रहता है जब तक उनकी चमक बरकरार रहे। अगर इन गहनों की उचित देखभाल न हो तो उनकी कीमत दो कौड़ी की भी नहीं रह जाती।
अगर निम्नांकितानुसार नकली गहनों की देखभाल की जाती रहे तो वे लम्बे अरसे तक आपके दामन को भी चमकाते रहने में सक्षम हो सकते हैं।
पानी पड़ते रहने से नकली जेवरों की चमक शीघ्र ही खराब हो जाती है। इसलिए स्नान करते समय इन जेवरातों को निकाल देना चाहिए। वैसे भी यह ध्यान रखना चाहिए कि इन गहनों पर कम से कम पानी पड़े।
सोते समय नकली जेवरों को उतार कर रख देना चाहिए ताकि वे दबकर या खुलकर अपने आकार को न बिगाड़ बैठें। नकली जेवर प्रायः असली जेवरों से कमजोर हुआ करते हैं।
नकली गहनों पर अगर कालापन आ रहा हो तो उसे सूखे बोरिक पाउडर से रूई की सहायता से धीरे-धीरे मलें। सिलवर पॉलिश की सहायता से भी इन गहनों के कालेपन को दूर किया जा सकता है।
नकली जेवरों के रख-रखाव से संबंधित एक महत्त्वपूर्ण बात यह है कि आप उन्हें जिस डिब्बे में खरीद कर लायी हैं, प्रयोग के बाद उन्हें हिफाजत से उसी में रख दिया करें। इससे नकली जेवरों पर निशान भी नहीं पड़ते हैं और न ही वे जल्दी खराब ही होते हैं।
नकली गहनों की खरीदारी के समय सचेत रहना भी आवश्यक है। बिखरने वाले तथा जल्दी टूट जाने वाले गहनों को कभी न खरीदें।
आप अगर परफ्यूम लगाने की शौकीन हों तो पहले परफ्यूम लगा लें, उसके बाद ही गहना पहनें। नकली गहने पर परफ्यूम लगने से उनकी चमक तथा रौनक उड़ जाया करती हैं।
गहनों पर भूलकर भी नींबू, खटाई या तेजाब जैसी तेज रासायनिक चीजों का प्रयोग सफाई के लिए हरगिज न करें। ये सभी वस्तुएं गहनों की चमक के दुश्मन होती हैं।
त सभी नकली जेवरों को अलग-अलग रखना ही उचित होता है। रखने से पहले अगर इन्हें रूई में अच्छी तरह से लपेट दिया जाता है तो उनकी चमक सालों-साल तक बनी रहती है।
अधिक पसीना भी इन गहनों के लिए हानिकारक सिद्ध होता है। प्रयोग के बाद रखते समय रूई अथवा सूती नरम कपड़े की सहायता से हल्के हाथ से पोंछकर ही इन्हें रखना चाहिए।
अधिकतर नकली गहनों के जोड़ मजबूत नहीं होते, इसीलिए कंगन आदि को खरीदते समय सही माप का ही खरीदना बेहतर होता है।
मोतियों के नकली गहने देखने में तो बहुत खूबसूरत लगते हैं किन्तु प्लास्टिक के पतले से तार के सहारे बने होने के कारण बहुत जल्दी ही ढ़ीले हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें मजबूत तारों में फिर से बुनवा लेना चाहिए।
नकली गहनों को बच्चों की पहुंच से दूर ही रखना चाहिए क्योंकि उनके खींचने से गहने टूट सकते हैं।
बाजार में नकली गहनों के सेट एक से बढ़कर एक डिजाइनों में उपलब्ध हैं। इन गहनों को पहनकर जहां अपनी सुन्दरता को बढ़ाया जा सकता है, वहीं इनके खोने पर भी अधिक तकलीफ महसूस नहीं होती। आप भी अपनी सुन्दरता में ’चार चाँद‘ लगाने के लिए नकली जेवरातों का प्रयोग कर सकती हैं। (उर्वशी)
——– (उर्वशी)
——- आरती रानी

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