दांपत्य के लिए घातक है क्रोध

नीरा का विवाह हुए दो वर्ष हो चुके हैं। उसका पति अतुल इंजीनियर है। वह अच्छी तनख्वाह पाता है। उनका घर सब सुख-सुविधाओं से संपूर्ण है। नीना जो चाहे, खरीद सकती है जो चाहे कर सकती है। उसे पूरी स्वतंत्रता है मगर इन सबके बावजूद उसके चेहरे पर उदासी छाई रहती है। वह कभी खुश दिखाई नहीं देती। कारण, पति का अधिक गुस्सैल होना। वह हर छोटी-छोटी बात पर इतना क्रोध करते हैं कि नीरा उनका रूप देखकर ही कांप उठती है। वह उनके क्रोध से बचने का कितना भी प्रयत्न क्यों न कर ले पर उनके गुस्से से बचना नामुमकिन है।
अधिकांश पत्नियों को शिकायत रहती है कि उनके पति अधिक क्रोधी हैं। जब उनको गुस्सा आता है तो वे खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाते जिससे पत्नी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। पति की गुस्सैल प्रवृत्ति से परेशान पत्नी अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो जाती है और पति स्वयं भी कुंठाग्रस्त हो जाता है। अनेक ऐसे कारण उपजते हैं जिनमें उनके दांपत्य जीवन में बिखराव पैदा होता है। आइए इन कारणों पर विचार करें।
तनाव
पति के गुस्सैल प्रवृत्ति का होने से पत्नी का तनावग्रस्त रहना आम बात है। जब पति छोटी-छोटी बातों पर पत्नी पर झल्लाता है तो पत्नी के लिए यह स्थिति बड़ी कष्टप्रद होती है। उसे यही लगने लगता है कि उसका पति उससे प्रेम नहीं करता। वह कुंठाग्रस्त और चिड़चिड़ी हो जाती है। निराशा व अवसाद उसके दिमाग में घर कर जाते हैं। उसका आत्मविश्वास डगमगाने लगता है और वह तनावग्रस्त होकर अनेक रोगों को खुला आमंत्रण देती है।
तलाक की संभावना
जब पति छोटी-छोटी बातों पर क्रोध करने लगता है तो पत्नी कुछ समय तक तो इसे बर्दाश्त करती है परंतु जब पति का गुस्सा सीमा पार कर जाता है तो पत्नी अपने को अपमानित महसूस करती है और पति की बातों का जवाब देने लगती है। कई बार पत्नी द्वारा कही बात पति के गुस्से में बढ़ोत्तरी करती है और बात तलाक तक पहुंच जाती है।
यौन संबंधों के प्रति अरूचि
अत्यधिक क्रोध करने वाले पति, पत्नी के साथ सहवास करते समय भी कठोर भावों का ही प्रदर्शन करते हैं, जिससे पत्नी की भावनाएं आहत होती हैं और वह यौन कुंठाग्रस्त हो जाती  है। उसके मन में यौन संबंधों के प्रति अरूचि पैदा हो जाती है और जब पति उत्तेजित अवस्था में उसके करीब आता है तो वह उसे परे धकेलती है मगर पति अपनी यौनेच्छा को दबा नहीं पाता और पत्नी से उसकी इच्छा के विरूद्ध जबरदस्ती संभोग करता है पर कुछ दिन ऐसा करने पर उसे स्वयं ही इसमें रूचि नहीं रहती जिससे उनके दांपत्य जीवन में यौन उदासीनता आने लगती है जिसके परिणामस्वरूप अलगाव व तलाक जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं व पति के कदम भटक भी सकते हैं।
कई महिलाएं इसे एक बहुत बड़ी समस्या मानकर जीवन भर अपने भाग्य को कोसती रहती हैं। इसके पीछे उनका यही तर्क होता है कि उनके लाख प्रयत्नों के बावजूद वे पति के गुस्से को वश में नहीं कर पाई हैं।
क्रोधी पति को वश में करना कठिन तो जरूर है किन्तु नामुमकिन नहीं। इसके किए काफी परिश्रम की आवश्यकता है। यहां पति के क्रोध को काबू में करने के लिए अचूक उपाय दिए जा रहे हैं जिन्हें अपना कर कठोर दिल व क्रोधी पति को बड़ी आसानी से वश में किया जा सकता है।
पति के गुस्से को काबू करने के लिए सबसे आवश्यक बात यह है कि वे अगर गुस्से में आपसे अशोभनीय व्यवहार भी करें तो भी आप खुद को नियंत्रण में रखिए क्योंकि अगर आप भी गुस्सा करेंगी तो यह आग में घी का काम करेगा, इसलिए जहां तक हो सके, आप उनके गुस्से को बर्दाश्त करने की आदत बना लें। धीरे-धीरे आपके स्नेह से उनके कठोर स्वभाव में परिवर्तन आने लगेगा।
** आपकी जिन आदतों से पति को अधिक गुस्सा आता हो, उन्हें त्याग दें।
** अपनी मोहक अदाओं व खूबसूरती का जादू उन पर चलाएं मगर यह सब इतनी सावधानी से करें कि पति को यह न लगे कि आप उसे भ्रमित कर रही हैं।
** यौन संबंधों के प्रति मन में अरूचि पैदा न होने दें।
** पति अगर आपको सजी-संवरी देखना पसंद करते हैं तो उनके आने व जाने के समय पर मेकअप कर तैयार हो जाएं।
** किसी भी कार्य के लिए उनसे बार-बार न कहें। इससे उन्हें झुंझलाहट होगी और यह झुंझलाहट क्रोध उत्पन्न कर देगी अत: इस बात का सदैव ध्यान रखें।
** उनकी आवश्यकताओं व इच्छाओं का हमेशा ध्यान रखें।
** पति की प्रशंसा करना सीखें। हमेशा उनमें गुण ढूंढने का ही प्रयत्न करें।
** उनके समक्ष किसी की बुराई या निंदा न करें।
** पति के खूबसूरत दोस्तों की प्रशंसा उनके समक्ष कभी न करें।
** उनकी महिला सहकर्मियों से उनके संबंधों के बारे में पति से चर्चा न करें।
** अगर वे परेशान हों तो बड़े प्यार से उनसे इसका कारण पूछिए। यदि वे क्रोध दिखाएं तो भी नम्रतापूर्वक उनसे कहें कि उनकी परेशानी आपकी परेशानी है और आप इसे जानकर इसका हल ढूंढेंगी।
** पति को कभी भी नजरअंदाज न करें।
** पति अगर कंजूस हैं तो अधिक खर्चा न करें। अपने बजट को ध्यान में रखकर व उनकी सलाह लेकर ही खरीदारी करें।
** उनके परिवारजनों से मधुर संबंध बनाए रखें। मेहमानों के आने पर गर्मजोशी से उनका स्वागत करें।
** अगर पति को पसंद न हो तो दोस्तों से अधिक खुलेपन से बातें न करें।
** आपसी सद्भाव, स्नेह, विश्वास व स्वस्थ यौन संबंध अपनाकर आप अपने पति के क्रोध को वश में कर सकती हैं।
** पति के मनपसंद पकवान बनाकर पेट के रास्ते उनके दिल में उतरें। ————— (उर्वशी)

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