नारी सौंदर्य को चार चांद लगाएं

यदि चेहरे, अधरों, हाथों, टांगों व बगलों में बाल उगने लग जाते हैं तो स्त्री के लिए समस्या बन जाते हैं। कुछ महिलाओं के मुंह पर पुरूषों के समान दाढ़ी-मूंछ निकलने लग जाती है। चेहरे पर उगे अवांछित बालों के लिए महिलाओं को कभी भी रेजर का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे बाल अधिक मात्रा में और तेजी से उगने लग जाते हैं।
बालों को चिमटी से उखाड़ कर साथ ही हाइड्रोजन पैराक्साइड से साफ करना चाहिए। इससे बालों का संक्रमण भी काफी हद तक रूक जाता है। चेहरे के बालों को दूर करने के लिए वैक्सिंग विधि का प्रयोग किया जा सकता है। इसमें एक प्रकार के मोम का इस्तेमाल किया जाता है। वैक्सिंग महीने में एक बार करनी चाहिए।
भौंहों के अवांछित बालों को चिमटी से हटा कर भौंहों को साफ किया जा सकता है। इसके अलावा भौंहों से बाल हटाने के लिए थ्रेडिंग विधि का भी इस्तेमाल किया जाता है लेकिन थ्रेेडिंग अनुभवी ब्यूटीशियन द्वारा ही करवानी चाहिए। बांहों के बगलों के बाल भी दूर करने चाहिए। हाथों व टांगों पर उगे बालों के लिए ब्लीचिंग या वैक्सिंग का इस्तेमाल करना चाहिए।
स्त्री को अपने बालों के रख रखाव व साज-संवार पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। बाल नारी सौंदर्य के प्रतीक हैं। इन्हें सुन्दर, घने व चमकीले बनाए रखने का भरसक प्रयत्न करना चाहिए। बालों को स्वस्थ रखने हेतु प्रोटीनयुक्त आहार दूध, अण्डे, सब्जी व फल आदि का भरपूर मात्र में सेवन करना चाहिए।
बालों को धूप व हवा भी पर्याप्त मात्रा में मिलनी चाहिए। शरीर में कब्ज या खून में खराबी आने से भी बाल कमजोर हो जाते हैं। नियमित रूप से बालों में कंघी करनी चाहिए ताकि बालों में रक्त का संचार सुचारू रूप से चलता रहे। बालों को धोने के लिए शैंपू का ही प्रयोग करना चाहिए, साबुन का नहीं।
नारी सौन्दर्य में नाखूनों की देखभाल भी महत्त्वपूर्ण है। स्वस्थ सुन्दर नाखूनों में एक विशेष प्रकार की चमक होती है इसलिए नाखूनों की नियमित रूप से देखभाल करनी चाहिए। गुनगुने  पानी में शैंपू डाकर कुछ देर तक नाखूनों को डुबोने से नाखून मुलायम हो जाते हैं। स्पिरिट के प्रयोग से नाखून कमजोर पड़ जाते हैं।
होंठों को आकर्षक बनाने के लिए अच्छी क्वालिटी की लिपस्टिक का प्रयोग करें। लिपस्टिक का चुनाव करते समय होंठों की बनावट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दांतों को स्वस्थ रखने हेतु कुछ भी खाने के बाद तुरन्त कुल्ला करना चाहिए। खाने के बाद दांतों के कीटाणु सक्रिय हो जाते हैं जो दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं।————- (उर्वशी)




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