बच्चों के उचित विकास के लिए जरूरी है ध्यान देना

हर मां को सपना होता है कि उसका बच्चा स्वस्थ और फिट हो। वह उसे स्वस्थ रखने का हर प्रयत्न करती है, चाहे आहार हो या उसके साथ बिताया समय। फिर भी बच्चे की ग्रोथ उचित न हो तो मां का परेशान होना स्वाभाविक होता है। आइए जानें कि हम बच्चों को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं।
बच्चों के लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं:-
मां को बच्चे की हर हरकत पर नजर रखनी चाहिए कि कब उसे सुलाना है, कब जगाना है, कब खेलना है, कब खाना है, कब उसके साथ हैल्दी टाइम बिताना है। जहां लगे बच्चा लापरवाही बरत रहा है उसे प्यार से सुधारने का प्रयास करना है। कभी कभी थोड़ा बहुत परिस्थिति अनुसार माता-पिता को भी उन्हें अवसर दे देेना चाहिए।
बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें:-
वैज्ञाानिक युग में इतने गैजेट्स आ जाने से बच्चे उसी में उलझे रहना पसंद करते हैं और घर में ही रहना चाहते हैं। इसके कारण बच्चे शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रह पाते और बीमारियों की गिरफ्त में जल्दी आ जाते हैं। बच्चों का घर से बाहर पार्क, खुले मैदान में अन्य बच्चों के साथ खेलना जरूरी है ताकि वह अपनी ऊर्जा का सही प्रयोग कर सकें और अन्य बच्चों के साथ कैसे शेयर किया जाता है, हार जीत का खेल में क्या स्थान है, लीडरशिप गुणवत्ता आदि बच्चा सीखता है जो उसके शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास में भी जरूरी है। इसी तरह से बच्चों में खेलों के प्रति रूचि भी बढ़ती है। 
बच्चे के वजन और लंबाई पर भी दें ध्यान:-
बच्चों का वजन और लंबाई आयु के अनुपात सही बढ़ रही है या नहीं इस बात पर ध्यान दें। डाक्टर से समय पर जांच कराएं अगर बच्चा एवरेज से कम बढ़ रहा है तो डाक्टर से परामर्श करें कि उचित विकास हेतु हमें और क्या करना चाहिए। हो सकता है बच्चे की आवश्यकता अनुसार हम उसे संपूर्ण पौष्टिक आहार न दे पा रहे हों या कुछ कम दे रहे हों, डाक्टर अगर आवश्यक समझेगा तो बच्चे को कुछ सप्लिमेंट्स का सुझाव देगा। उस पर पूरा गौर फरमाएं और डाक्टरी सलाह पर कार्य करें। बच्चे के गलत खानपान को बढ़ावा न दें इससे बच्चे का वजन और कद प्रभावित हो सकता है।
फैट्स से ज्यादा प्रभावी है प्रोटीन:-
बच्चों के शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन उचित मात्र में देना जरूरी है। फैट्स तो बस कैलोरीज बढ़ाता है पर थोड़ा फैट भी जरूरी है। उचित जानकारी डाक्टर से लें। फास्ट फूड बच्चों की भूख को तुरंत शांत करते हैं। इसे खाना और बनाना भी आसान होता है। बच्चों को पसंद भी खूब होते हैं। बच्चों को समझाएं इन खा़द्य पदार्थों से केवल कैलोरीज मिलती हैं, भूख मिटती है पर शारीरिक और मानसिक विकास उचित नहीं होता। ये स्वास्थ्य हेतु हानिकारक हैं। हैल्दी व पौष्टिक आहार शरीर और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखते हैं। इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बनाते हैं जिससे बीमारी दूर रहती है। 
लाएं खानेे-पीने की आदतों में सुधार:-
बच्चों के लिए हैल्दी स्नैक्स घर पर तैयार कर दें। टिफिन घर से ले जाने और खाने की आदत डालें। स्वयं भी वही सब्जी-दाल- चावल खाएं जो बच्चों को दे रहे हैं। बच्चों को सप्ताह में एक बार चिटिंग करने दें ताकि वे अपनी पसंद का फास्ट फूड या जंक फूड खा सकें। प्रयास कर घर पर ही मंगा कर दें या जब आप बाहर जाएं तो सीमित मात्रा में उन्हें उनकी पसंद का खिलाएं।
इस तरह प्रारंभ से ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर ध्यान दें ताकि आपके बच्चे की सही ग्रोथ हो सके। ————– (उर्वशी)

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