बेस्ट जॉब पाने के नये फंडे

एक अच्छी कंपनी में जॉब करना हर पढ़े लिखे डिग्री होल्डर युवा का सपना होता है, जरूरत होती है। कंपनियां मेहनती अनुभवी और होनहार तथा अन्य कई खूबियों वालों की सर्च में रहती हैं। जहां दोनों की जरूरतें पूरी हो जाती हैं, काम बन जाता है।
रखें काम की जानकारी
जहां आप काम करने जा रहे हैं, वहां के काम की आपको पूरी जानकारी है या नहीं, कंपनी केंडिडेट को चुनते हुए यह देखती है। साथ ही जिस फील्ड में आप जा रहे हैं, वहां की नई-नई गतिविधियों के बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए। आपकी इस फील्ड की नॉलेज अप टू डेट रहनी चाहिए।
अनुभव बहुत काउंट करता है
जॉब में अनुभव की कितनी डिमांड रहती है, यह सभी जानते हैं।  अनुभवी केंडिटेंट निस्संदेह बेहतर काम कर सकता है अनुभव के आधार पर कंपनी को ऊंचाईयों पर ले जाने में अपना बड़ा योगदान दे सकता है। कंपनी उसकी काबिलियत पर भरोसा कर सकती है, इसीलिए अनुभव एक बहुत महत्त्वपूर्ण फेक्टर माना जाता है।
 स्मार्ट प्रेजेंटेबल लुक
स्मार्ट प्रेजेंटेबल केंडिडेट्स को प्रिफरेंस जरूर मिलता है। वे कंपनी की शान बन जाते हैं। उनका ‘ऑरा’  कंपनी के माहौल को खुशनुमा बनाए रखता है। उनकी तहजीब तमीज बात करने का व्यवहार शिष्टाचार कंपनी की गरिमा बढ़ाता है।
पै्रक्टिकल रहें
कंपनी प्रैक्टिकल लोगों की बदौलत ही चलती है और समझदार इंटेलिजेंट लोगों द्वारा बुलंदियों तक पहुंचती है। इंटरव्यू में एक केंडिडेट रमन भसीन से जब उसकी ताकत के साथ कमजोरियां भी पूछी गईं तो उसका स्मार्ट उत्तर ‘मेरा काम के प्रति जुनून’ सुनकर इंटरव्यू बोर्ड एकदम उससे इंप्रैस हो गया। सरबजीत छाबड़ा ने इस प्रश्न का उत्तर जब ‘मेरा आलसी स्वभाव’ कहकर दिया तो इंटरव्यू बोर्ड ने उससे फिर आगे कुछ भी पूछना बेकार समझा।
हमेशा लर्नर बने रहें
सीखने का जज्बा ही किसी को  ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। सीखते वक्त ईंगो को बीच में न आने दें। मुझे सब मालूम है, यह सोच आपकी ग्रोथ पर फुलस्टॉप लगा देती है। सीखने की लगन हो तो चयनकर्ता भी इस जज्बे की कद्र करते हुए अनुभव न होने पर भी जल्दी सीखने की क्षमता पहचानकर उसे जॉब दे देते हैं।
प्रॉब्लम्स हैंडल करने की काबिलियत
रिक्रूटर इस काबिलियत को भी तौलते हैं। वे इस तरह के प्रश्न की फलां समस्या को कैसे हैंडल करेंगे, पूछकर आपकी समस्याओं से डील करने की काबिलियत परख लेते हैं। इसी से वे जज करते हैं कि आप कितने रिसपांसिबल और भरोसेमंद हैं।
जॉब मार्केट के नए रूल्स को जानकर करें तैयारी
समय के साथ-साथ रिक्रूटर्स की मांग में काफी बदलाव आया है। अब वे पहले सी ईजी गोइंग बातें नहीं रह गईं। हर चीज में आपसे स्पेशल होने की उम्मीद की जाती है। एक एक्स फैक्टर आपको खास बनाता है।
आपका बायोडाटा आपका स्ट्रांग वेपन है। इसे एक इंपॉर्टेट पैकेज की तरह तैयार करें। आपको इसमें मुश्किल आये तो प्रोफेशनल कंपनी की मदद ली जा सकती है। वे आपका बायोडाटा आकर्षक व प्रभावशाली तरीके से तैयार कर देगी।
अगर आप अपने पैशन को जॉब बनाने में कामयाब हो जाते हैं तो आप वहां अपना हंड्रेड परसेंट देकर जल्दी सफल हो सकते हैं।
अपनी नेटवर्किंग बढ़ाएं। यह आपके जॉब मार्केट में काम आएगा। अपने को कभी अंडर एस्टीमेट न करें बल्कि अपनी उपयोगिता खुद भी समझे और इसका प्रदर्शन भी करें फिर चाहे इंटरव्यू में हो या जॉब में। यह जॉब मार्केट में बने रहने का खास फंडा है।
जॉब में मुसीबतों से बचने के लिए अपनी पूर्व कंपनी और बॉस या कलीग्स की बुराई न करें। कॉरपोरेट जगत में लोग अक्सर पहचान वाले निकल आते हैं।
कुछ खास और फंडे
ऑफिस में कुल रहकर अच्छा माहौल बनाये रखें। अपनी प्रोफेशनल लाइफ की कद्र करें।
नौकरी मिल गई, अब क्या! ये न सोचें बल्कि काम को अहमियत दें। सिंसियरिटी हमेशा बनी रहे। लगन और मेहनत हमेशा अच्छे रिजल्ट देती है।————— (उर्वशी)
 




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