लोकप्रिय राजस्थानी खाद्य पदार्थ

कांजी वड़ा
सामग्री: हरी मूंग की दाल, पिसी हुई राई, नमक, तेल।
विधि: कांजी बनाने के लिए पानी को अच्छी तरह से गरम कर लें। फिर स्टील की भगोनी या मिट्टी के घडे़ में करीबन दो या ढाई लीटर गरम पानी लेकर एक बड़ा चम्मच पीसी हुयी राई डालें व स्वाद के अनुसार नमक डाल कर उसे दो या तीन दिन तक रख दें जिससे पानी में खटाई आने लगती है, और कांजी बनने लगती है। फिर मंूग की दाल को चार पांच घंटा भिगोकर उसे धोकर पीस लें।
पीसने के बाद दाल में मसाला व नमक डाले बिना ही तेल को गरम करके वड़े बना लें। वड़े बनाने के बाद भगोनी में पानी डालकर उसमें नमक डाल दें। फिर वड़े उस पानी में भीगने केे लिए डाल दे। जब वड़ों भीग जायेंगे, तब नमक का स्वाद उन वड़ांे में आ जायेगा। अब वडे़ को पानी से बाहर दबा कर निकाल लें और हमने जो तीन दिन पहले कांजी बनाने ले लिए रखी थी, अभी वो तैयार हो गयी होगी अब इस कांजी में वडे़ डाल कर फ्रिज में कुछ देर के लिए रख दें। जब कांजी वड़े ठंडे हो जायें तभी खिलाएये।
खाजिये
सामग्री: मैदा, सूजी, नमक, हल्दी, अजवायन, तेल।
विधि: एक कटोरी मैदा व एक कटोरी सूजी यानी दोनों को समान मात्रा में ले। मैदे व सूजी को साफ करके आपस में मिला ले।, फिर स्वादानुसार नमक, थोड़ी सी हल्दी व अजवायन डालकर मिला लें। मोयन के लिये तेल डालें। तेल डालकर मैदा व सूजी को अच्छी तरह मिलाकर गरम पानी के साथ उसका आटा बनाना है। आटा बनाने के बाद छोटी छोटी लोई बनाकर पूरी से भी छोटे आकार मंे बेलने हैं। बेलने के बाद कांटे से उसमें कुछ छेद करें। छेद हमें इसलिये करने हैं जिससे खाजिये फूले नहीं। इस तरह सारी लोई के खाजिये बेल लें और उन्हें चटाई पर थोड़ी देर के लिये सूखने को रख दें। अब एक कड़ाई में तेल गरम करें। जब तेल अच्छा गरम हो जाये, तब खाजिये उसमें डालकर खस्ता होने तक तलें। जब पूरे तल लें तो ठंडाकर हवा बन्द डिब्बे में डाल कर रखें। फिर चटनी, अचार या ऐसे ही खिलाइये व खाइये।
बाफला
सामग्री: गेहूं का मोटा आटा, नमक, मीठा सोडा, लाल पीसी हुई मिर्च, जीरा, हल्दी, तेल, घी।
विधि: गेहूँ के आटे में थोड़ा नमक, पीसी हुई लाल मिर्च, जीरा, हल्दी व थोड़ा मीठा सोडा डालकर मिलाने के बाद आटे में मोयन के लिये तेल डालें और अच्छी तरह मिलाइये।
अब गरम पानी करके आटे को गूंध ले। गूंधने के बाद सारे आटे के गोले बना लें और गोलों को थोड़ा-थोड़ा दबा लें। एक भगोने में गरम पानी करने सभी गोलों को पानी में उबालें। जब सारे गोले अच्छी तरह से उबल जायें, तब उन्हें पानी से बाहर निकाल लें। निकालने के बाद सभी गोलों को बीच में से काटकर दो हिस्से कर लें।
अब एक कड़ाही में घी गरम करें जब घी अच्छी तरह से गरम हो जाये, तब दो हिस्सों में लिये गये गोलों को डालकर सुनहरे भूरे होने तक तलें। उन्हें घी से बाहर निकालें। इस तरह बाफले तैयार हैं।
बाफलों को खिलाने के लिये साथ में दाल या गट्टे की सब्जी व धनिये की चटनी के साथ खिलाइये। यदि आपको घी बहुत ही पसन्द है तो आप बाफलों को थोड़ा चूर कर उसमें अपनी इच्छानुसार घी डालकर खा सकते हैं।
दम आलू
सामग्री: छोटे – छोटे आलू, प्याज टमाटर, हरी मिर्ची, अदरक, हरा धनिया, लहसुन, दही, पीसी हुई लाल मिर्ची, हल्दी, धनिया पॉवडर, जीरा, नमक, घी, खड़ा गरम मसाला।
विधि: आलू को उबाल कर छील लें। प्याज व टमाटर को चाहें तो बारीक बारीक काट लें या पेस्ट बना लें। लहसुन, अदरक मिर्ची का भी पेस्ट बना लंे।
कड़ाही में घी डालकर गरम करें। फिर खड़ा गरम मसाला व जीरा डालकर अदरक लहसुन का पेस्ट डालें। फिर प्याज का पेस्ट डालकर उसे तब तक हिलायें जब तक घी न छोड़ दे। बाद में टमाटर का पेस्ट डालकर इसी तरह हिलायेें। अब इसमें दही डालें, साथ में ही लाल मिर्ची हल्दी धनिया पॉवडर व स्वादानुसार नमक डालें और इसे तब तक हिलायें जब तक घी न छोडे़। घी छोड़ने के बाद थोड़ा पानी डाल दें।
अब उबले हुये आलू को कांटे से कुछ छेद करके तैयार की हुयी ग्रेवी में डालकर धीमी आँच पर थोड़ी देर तक रहने दें। बाद में कटा हुआ हरा धनिया डालें। इस तरह दम आलू तैयार है। गरम-गरम दम आलू परांठे या फुलकों के साथ खिलाइये और खाइये।                                                                                                                                                                        (उर्वशी)

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