अपने हाथों और पैरों की सुध लीजिए

हमारा शरीर मशीन की भांति ही कार्य करता है। जिस प्रकार सभी कलपुर्जों की देखभाल से ही मशीन सुचारू रूप से काम करती है, उसी प्रकार सभी अंगों की नियमित देखभाल से ही शरीर निरोग, स्वस्थ रहता है। साथ ही साथ लंबे समय तक चलने की संभावना बनी रहती हैं।

शरीर में यूं तो सभी आवश्यक अंग महत्त्वपूर्ण होते हैं किंतु पैर तो पूरे शरीर के भार को ढोते हैं फिर भी हम पैरों की तरफ लापरवाही बरतते हैं। उनकी अपेक्षित देखभाल नहीं करते। अनेक महिलाएं तो शरीर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए अनेक उपाय करती हैं, नाना प्रकार की सौंदर्य सामग्रियां प्रयोग में लाती हैं किंतु पैरों को पूरी तरह उपेक्षित कर देती हैं जिससे उनकी सुंदरता फीकी पड़ जाती है। यदि कुछ वक्त पैरों की देख-भाल में लगायें तो किसी भी जगह आप आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

पैरों की नियमित देखरेख से आपकी खूबसूरती पर चांद लग सकते हैं। यूं तो आप ब्यूटी पार्लर में पेडिक्योर करवा कर पैरों की सुंदरता बढ़ा सकती हैं लेकिन यदि समय और धन की बचत करना चाहती हैं तो घर में भी यह हो सकता है।

आइये, पैरों की सुंदरता बढ़ाने के कुछ टिप्स बताएं।

सर्वप्रथम चौकोर बर्तन में हल्का गुनगुना पानी लेकर साबुन डालें। झाग उत्पन्न होने पर उसमें पैरों को रखें। याद रहे पैर पूरी तरह भीगने चाहिए।

कम से कम 2० मिनट तक ऐसा करें। इस समय का सदुपयोग आप पेपर पढ़ कर या हाथ से किया जाने वाला अन्य कार्य करके कर सकती हैं।

बीच-बीच में दोनों पैरों को एक-दूसरे के ऊपर रख कर रगड़ते रहें।

2० मिनट पश्चात प्यूमिक स्टोन, या कड़े बाल वाले ब्रश से एडिय़ों को रगडें़। इसके साथ ही पैरों की भी हल्की मालिश करें।

फिर स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोकर नरम तौलिये से पैरों को पोंछें। पैर की उंगली के पोरों को भी अच्छी तरह पोंछें। सूख जाने के बाद क्र ेक लगायें या फिर सरसों के तेल में हल्दी मिलाकर लगायें।

पुराने टूथब्रश से नाखूनों की भी सफाई करें। खाली समय में नाखूनों पर नींबू को उलट कर रगड़ें। इससे नाखून मजबूत एवं चमकदार होते हैं।

नाखूनों पर कपड़ों के रंगों से मेल खाती बढिय़ा क्वालिटी की नेल पालिश लगायें। नेलपालिश उखडऩे लगे तो रिमूवर से नाखून साफ करें।

कुछ दिन नाखूनों में नेल पालिश न लगायें।

 पैरों की सुध नियमित लें। यदि रोजाना गवारा न हो तो सप्ताह में दो बार अवश्य करें। कुछ दिनों के अंतराल में आपके पैर चेहरे की भांति चमकने लगेंगे।

इस प्रकार आप थोड़ी सी सूझ-बूझ व समझदारी से पैरों को उपेक्षित होने से बचा लेंगी।

प्राय: हमारे द्वारा किया जाने वाला अधिकांश कार्य हाथ से ही संपादित होता है। अत: हमें चाहिए कि हाथों को स्वस्थ एवं सुंदर बनाये रखने के लिए नियमित  देखभाल करते रहें। पोंछा लगाने, बर्तन  व कपड़े धोने तथा सफाई इत्यादि करते रहने से खासकर गृहणियों के हाथों में दरारें पड़ जाती हैं तथा कटे-फटे के निशान उभर जाते हैं। अन्य के मुकाबले गृहणियों को शर्मिंदा होना पड़ता है। आइये हम हाथों के रख रखाव के बारे में कुछ नुस्खे बता रहे हैं जिन्हें आजमाकर कोई भी कह उठेगा-वाह, क्या सुंदर हाथ हैं।

काम चाहे जो भी हो, पूरा होने के बाद हाथों की अच्छी तरह सफाई करें।

यदि समय है तो गरम एवं ठण्डे पानी में थोड़ी-थोड़ी देर हाथों को डुबायें। इससे हाथों में जमी मैल की परत निकल जायेगी। दोनों हथेलियों को एक-दूसरे में फंसाकर रगड़ें। फिर स्वच्छ पानी से धो लें।

उंगलियों के नाखूनों के साथ पोरों की भी अच्छी तरह सफाई करें। सूख जाने पर कोई क्र ीम  मल लें। नाखूनों पर मेल खाती नेल पालिश लगायें।

लीजिए, थोड़े ही समय में आपके हाथों में सुंदरता छा गयी।

हाथों की नियमित देखभाल आवश्यक है। मलाई बेसन से बना उबटन लगायें। संतरे या नींबू का छिलका हाथों में रगड़ते रहें, मुल्तानी मिट्टी का पेस्ट बना कर हाथों में लगा लें। सूख जाने पर हल्के गुनगुने पानी में धो लें। इसके अलावा यदि आप चाहें तो नजदीकी ब्यूटी पार्लर से ‘मेनीक्योरÓ करवा हाथों की खूबसूरती बनाये रख सकती हैं। (उर्वशी)

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