पति को बनाएं अपना दीवाना

प्रणय सूत्र में बंधने के बाद पति-पत्नी एक दूसरे में पूरी तरह खोना चाहते हैं और पूर्णत: एक दूसरे के होना चाहते हैं। कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है, यह तो स्वाभाविक है। इसी प्रकार पति को अपना दीवाना बनाने के लिए पत्नी को भी कुछ त्याग करने पड़ते हैं ताकि उसका चहेता उसी का ही बन कर रहे। इसके लिए सीखें कुछ गुर ताकि आप भी उन्हें दीवाना बना सकें।
=प्रात: उठकर पति का मुस्करा कर अभिनन्दन करें।
=पति के दफ्तर या काम पर जाते समय हंसकर विदा करें और वापिस आने पर खुशी से स्वागत करें ताकि घर से बाहर जाते समय वह तनावरहित निकलें और घर आकर तनावमुक्त महसूस करें।
=आप घर से बाहर शापिंग के लिए जाना चाहती हैं तो इस प्रकार से प्रोग्राम बनाएं कि उनके आने से पूर्व आप घर पर मौजूद हों।
=खाना बनाने से पहले यदि पति की पसन्द पूछ लें तो खाने का मज़ा दुगुना हो जाता है। धीरे-धीरे आप उनकी पसंद को जान जायेंगी और आगे के लिए आप उनकी पसंद के व्यंजनों के ज़रिये पति को अपना दीवाना बना सकती हैं।
=कोशिश करें कि घूमने फिरने के लिए पति के साथ ही प्रोग्राम बनायें। यदि पति किसी कारणवश जाने में असमर्थ हों तो जि़द न करें। आग्रह करना ही उचित रहता है।
=पति की बातों का मुस्कराकर और मृदु भाषा में जवाब दें। कर्कशता दूरी पैदा करती हैं।
=पति से आग्रह कर घर के कामों में मदद लें। हुक्म न चलायें। पति को यह महसूस न हो कि आप उसकी बॉस हैं।
=पति से लुकाव छिपाव न करें। किसी बात पर किसी भी तरह की शंका होने पर स्पष्ट रूप से प्यारपूर्वक शंका का समाधान करें न कि मन में कोई विकृति पालें।
=पति के सामने पति के मित्रों और संबंधियों की बुराई न करें, न ही मीन मेख निकालें।
=ससुराल वालों को पूरा आदर सम्मान और प्यार दें।
=पति की कमियों को उजागर कर उसका मज़ाक न उड़ायें। कुछ कमी होने पर स्वयं प्यार से समझाएं।
=पति में कोई बुरी आदत हो तो लड़ झगड़ कर छुड़ाने का प्रयास न करें बल्कि धैर्य और संयम से काम लें।
=पति के साथ शारीरिक व मानसिक सामंजस्य पैदा करें।
=अपने क्र ोध पर संयम रखें।
=पति के कार्यों में हो सके तो मदद करें। यदि आप मदद करने की स्थिति में नहीं हैं तो उनका मनोबल बढ़ाएं और दखलअंदाजी अधिक न करें।
=छुट्टी वाले दिन अधिक से अधिक समय पति और परिवार के साथ बिताएं। किसी को आमंत्रित करने से पहले या कोई प्रोग्राम बनाने से पहले उनकी सलाह ले लें।
=पति के साथ हल्की-फुल्की छेड़छाड़ करती रहें ताकि जीवन में ताजगी बनी रहे। =नीतू गुप्ता

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