अंदरूनी वस्त्रों के प्रति ध्यान रखें

पिछले दिनों मैं अपनी सहेली के यहां विवाह समारोह में सम्मिलित होने गई थी। चारों ओर सौन्दर्य बिखरा पड़ा था। महिलाएं पूरी सज-धज के साथ समारोह की शोभा बढ़ा रही थी।
बीच में एक महिला की पीठ की ओर दृष्टिपात करते ही मुझे लज्जा का अनुभव हुआ। उसकी सुन्दर साड़ी और ब्लाउज अपनी भव्यता तो दर्शा रहे थे किंतु ब्लाउज के नीचे से झलकती ब्रा की पट्टियां उसके फूहड़पन को दर्शा रही थी। गहमागहमी में उस महिला को इस बात का अहसास तक न था।
अक्सर बाजारों में, पार्टी में, घर में कुछ ऐसा देखने को मिल ही जाता है जिससे पहनावे की फूहड़ता प्रदर्शित होती है। खूबसूरत कीमती वस्त्रों को धारण करने के साथ-साथ अन्दरूनी वस्त्रों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। कुछ बातों की जानकारियां इस प्रकार हैं:-
** ‘ब्राÓ हमेशा सही नाप की ही पहननी चाहिए। इससे वक्षों का सही आकार उभरता है तथा व्यक्तित्व में निखार आता है।
द्व किशोरावस्था में कदम रखते ही हर किशोरी को सही माप की ब्रा पहननी चाहिए। इससे स्तन नीचे की ओर लटकते नहीं हैं और देहयष्टि सुन्दर लगती है।

Young sportswoman with beautiful body in old big jeans showing how much weight she lost over white background

** महिलाएं अक्सर अंदरूनी वस्त्रों पर अधिक खर्च न करके सस्ते के चक्कर में सड़क या फुटपाथी बाजार से खरीदारी कर डालती हैं। ऐसे खरीदे गये वस्त्र शीघ्र ही खराब हो जाते हैं तथा स्वास्थ्य के लिए भी खराब होते हैं। सस्ती ब्रा की इलास्टिक ढीली पड़ जाती है। कभी-कभी तो इस कारण महिला को काफी शर्मिन्दगी भी उठानी पड़ती है इसलिए ब्रा खरीदते समय उसकी भली भांति जांच कर लेनी चाहिए। उसके हुक, इलास्टिक एवं साइज को भली भांति देख लेना चाहिए।
Girl Using A Tape Measure Checking Her Waistline

** प्रत्येक ब्लाउज में कंधे पर अंदर की ओर एक सपोर्टर पट्टी लगवानी चाहिए ताकि ब्रा की स्ट्रेप उसके अंदर दबा कर निश्चिंत हो ब्लाउज पहना जा सके। कंधे की ओर झांकती हुई ब्रा की स्टैऊप भद्दी लगती है।
** पारदर्शी ब्लाउज के नीचे उसी के रंग से मेल खाती हुई ब्रा पहनना अच्छा होता है। पारदर्शी वस्त्रों से कुंठाग्रस्त व्यक्ति की ग़लत भावना भड़क सकती है और आप परेशानी में फंस सकती हैं।
** घर में एक से अधिक महिला सदस्यों के होने पर कभी-कभी महिलाएं एक-दूसरे के अंदरूनी वस्त्रों का प्रयोग करती देखी गईं हैं। ऐसा कभी-भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा रोग अथवा अन्य संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।
** गर्भावस्था के समय ब्रा के चयन में विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके गलत प्रयोग से घबराहट व बेचैनी हो सकती है। साथ ही ब्रा का आकार भी प्रभावित हो सकता है।
द्व कुछ महिलाएं बाहर जाने पर ही ब्रा का प्रयोग करती हैं। घर पर यूं ही रहती हैं। इससे स्तनों के आकार पर तो प्रभाव पड़ता ही है, साथ ही अचानक किसी मेहमान के आ जाने पर स्थिति हास्यास्पद हो जाती है। इस स्थिति से बचना चाहिए।
** गर्मी के मौसम में हमेशा सूती ‘ब्राÓ पहनना ही आरामप्रद रहता है। सिंथेटिक ब्रा घमौरियों के साथ-साथ त्वचा संबंधी रोग भी लगा सकती हैं।
** सोने से पहले ब्रा उतारकर ढीली-ढाली पोशाक पहनना उत्तम रहता है जैसे कि गाउन, हाउसकोट या कमीज-सलवार। इससे वक्षस्थल के तंतुओं को आराम मिलता है।
** पैंटीज खरीदते समय भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसकी क्वालिटी अच्छी हो। खराब क्वालिटी की पैंटी  होने से उसकी इलास्टिक ढीली होकर खिसकने लगती है।
** मासिक के समय आराम एवं पैड वाली पैंटीज का ही प्रयोग करना चाहिए जिससे उनकी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहा जा सके।
** अंदरूनी वस्त्रों की सही देखभाल, साफ-सफाई और चयन से आपके व्यक्तित्व को सकारात्मक रूख तो मिलेगा ही, मन भी हमेशा एकाग्रचित्त रहता है।
Closeup of a woman’s waistline with a tape measure around her flat stomach

** अच्छी कंपनी के ही अंदरूनी वस्त्रों को खरीदना चाहिए जो शरीर के शेप के लिए सही सिद्ध हों।
** सफेद ब्रा या पैंटी को नित्य धोकर सफेद ही रखना चाहिए। पीली पड़ी हुई स्टै्रप आपकी कर्मठता पर प्रश्न चिन्ह लगा देगी।
द्व ल्यूकोरिया, मासिक स्रावों के दागों से पैंटी को साफ करती रहें अन्यथा उसकी बदबू व दाग आपके स्वास्थ्य को खराब कर सकते हैं।
** स्तनपान कराने वाली महिला को अपनी ब्रा की सफाई नित्य ही करती रहनी चाहिए क्योंकि दूध के रिसाव से ब्रा चिपचिपी हो जाती है। पूरे दिन स्तनों को चिपचिपाहट से परेशानी न उठानी पड़े। इसका ध्यान अवश्य ही रखना चाहिए।  (उर्वशी)


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