जब त्वचा पर हो बढ़ती उम्र का असर

उम्र बढऩे के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। सिर्फ शरीर ही नहीं, त्वचा पर भी बढ़ती उम्र का असर अवश्य होता है। इस उम्र में त्वचा पर धूप, मौसम इत्यादि का असर जल्दी-जल्दी होता है क्योंकि उम्र के इस मोड़ पर ओस्ट्रोजन व टेस्टोस्ट्रॉन नामक हारमोन बनने रूक जाते हैं। हारमोन्स की कमी के चलते शरीर में कार्बोहाइडे्रट की मात्रा भी पहले की तरह नहीं रहती, साथ ही त्वचा की नमी पर भी असर पड़ता है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार यह तीन बातों पर निर्भर करता है।
धूप:- बढ़ती उम्र में त्वचा धूप से बहुत जल्द प्रभावित होती है। सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणें, यूवीए, यूवीबी, यूवीसी जब धरती पर पहुंचती हैं तो ये त्वचा को अत्यधिक संवेदनशील बना देती हैं। यूवीबी किरणें त्वचा को झुलसाने के लिए उत्तरदायी होती हैं। यही नहीं, इन किरणों का प्रभाव त्वचा पर लम्बे समय तक बना रहता है।
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा दो परतों से मिलकर बनी होती है- अंदरूनी व बाहरी परत। अंदरूनी परत को हम देख नहीं सकते परंतु सूर्य की यूवीए किरणें इसे भी प्रभावित करती हैं। यह अंदरूनी परत कोलाजिन तथा इलास्टिन नामक रेशों को नष्ट कर देती हैं जो त्वचा की बाहरी परत को सहयोग देते हैं जबकि हमारी त्वचा को प्रत्येक 24 घंटे के बाद इन रेशों की जरूरत होती है ताकि यूवीबी किरणों से होने वाली क्षति से बचाव किया जा सके। यूवीबी किरणें डीएनए सेल को भी क्षति पहुंचाती हैं। जब हम युवा होते हैं तो हमारी त्वचा इन किरणों का मुकाबला आसानी से कर लेती हैं परंतु ज्यों-ज्यों हमारी उम्र बढ़ती जाती है, त्वचा इससे लडऩे के अयोग्य हो जाती है जिसका प्रभाव चेहरे पर स्पष्ट दिखाई देता है।
पानी:- अधेड़ अवस्था में हमारे शरीर की अंदरूनी कोशिकाएं पानी की मात्रा खो देती हैं जिसके परिणामस्वरूप त्वचा कांतिहीन हो जाती है। त्वचा रूखी-सूखी, नीरस व झुर्रियोंयुक्त हो जाती है और चेहरा बुझा-बुझा दिखाई देता है। त्वचा की शुष्कता खुजली का कारण बनती है, जिससे संक्रमण होने की संभावना बनी रहती है, अत: बढ़ती उम्र में शरीर में पानी की मात्रा का स्तर का संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है।
शूगर:- हमारे प्रतिदिन के आहार में सम्मिलित खाद्य पदार्थों में चीनी की पर्याप्त मात्रा होती है अत: हमें शरीर में शूगर का संतुलन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त चीनी की आवश्यकता नहीं होती परंतु यदि हम अलग से चीनी का सेवन करते हैं तो चीनी तथा अल्ट्रावायलेट किरणें मिलकर हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। इससे त्वचा ढीली पडऩे लगती है व चेहरे पर झुर्रियां  हो जाती हैं।
जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है, शरीर की प्रक्रियाएं मंद पडऩे लगती हैं जिससे शरीर में नई कोशिकाओं को उत्पन्न करने की योग्यता खत्म हो जाती हैं। यही नहीं, हमारा शरीर कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाने में भी नाकाम रहता है जिसके परिणामस्वरूप चेहरे पर झुर्रियां पडऩे के साथ-साथ त्वचा का प्राकृतिक रंग नष्ट हो जाता है, पैरों में कमजोरी आ जाती है, बाजू पतली हो जाती हैं, गर्दन पर झुर्रियां पड़ जाती हैं। इससे चेहरे पर बढ़ती उम्र का असर साफ झलकने लगता है अत: बेहतर है कि आप चीनी की मात्रा कम से कम लें ताकि इन समस्याओं से बचा जा सके।
त्वचा से बढ़ती उम्र का असर कम करने हेतु कुछ प्रभावशाली बिंदुओं पर ध्यान दें।
** बिस्तर पर जाने से पूर्व सदैव त्वचा को भलीभांति साफ करें। स्किन टोनर या माश्चराइजर का प्रयोग अवश्य करें। हल्के हाथों से इसकी मसाज भी कर सकती हैं।
** फलों व सब्जियों को रोजाना के भोजन में शामिल करें। कम से कम 5 सब्जियां या फल प्रतिदिन अवश्य खाएं। इसमें आप एक कप ताजा हरी व पत्तेदार सब्जियां, एक कप मौसमी फल, एक गिलास फलों का जूस इत्यादि ले सकती हैं। केले का सेवन कम मात्रा में करना ही। बेहतर है क्योंकि इसमें शूगर की मात्रा काफी होती है।
** दिन में कम से कम दो लिटर पानी अवश्य पिएं। यदि आपको ज्यादा पानी पीने की आदत नहीं है तो आप पानी में नींबू डालकर पी सकती हैं या फिर इसमें तुलसी के पत्ते, अदरक, पुदीना इत्यादि मिलाएं। इससे पानी का स्वाद तो बदलेगा ही, साथ ही यह खुशबूदार भी बनेगा।
** चाय व कॉफी का कम से कम सेवन करें क्योंकि ये पदार्थ त्वचा की कोशिकाओं में पानी की मात्रा को नष्ट कर देते हैं। यदि चाय पीने की आदी हैं तो बेहतर होगा कि आप हर्बल चाय पीने की आदत डालें।
** नहाने के बाद त्वचा को थपथपा कर सुखाएं। ऐसा करने से यह त्वचा पर पानी की हल्की परत छोड़ देती है और त्वचा इसे आसानी से सोख लेती है। जब त्वचा हल्की गीली हो, तभी माश्चराइजर लगाएं, इससे त्वचा को अंदरूनी रूप से नमी प्राप्त होगी, साथ ही पानी का स्तर भी सही रहेगा।
** चीनीयुक्त पदार्थों का कम से कम सेवन करें।
** अल्कोहलयुक्त पदार्थों का सेवन करने से बचें।
** धूप में बाहर निकलते वक्त छाता व धूप का चश्मा इत्यादि साथ रखें। जहां तक हो सके, बाजू, गले व चेहरे को धूप से बचाएं। घर से निकलने के आधा घंटा पहले सनस्क्रीन लोशन या माश्चराइजर अवश्य लगाएं ताकि आपकी त्वचा पर धूप का सीधा प्रभाव न पड़े।
** त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार अकसर महिलाएं 3० से 4० वर्ष की उम्र में त्वचा संबंधी संभावित खतरों को लेकर सचेत नहीं होती। जब त्वचा अपना आकर्षण पूरी तरह खो देती है, तब उन्हें लगता है, बहुत देर हो गई है, अब वे कुछ नहीं कर सकती परंतु उनका ऐसा सोचना बिलकुल गलत है। वैसे तो उन्हें शुरू से ही त्वचा की विशेष देखभाल करनी चाहिए पर यदि वे किसी कारणवश ऐसा नहीं कर पाती तो त्वचा संबंधी किसी भी समस्या को लेकर उन्हें लापरवाह नहीं रहना चाहिए। यदि चेहरे पर अत्यधिक खुजली, जलन की शिकायत हो तो उन्हें बिना समय गंवाए किसी अच्छे त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। (उर्वशी)

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