सावधान हो जाएँ अगर आप अंधेरे में यूज करते हैं स्मार्टफोन

अधिकतर लोग स्मार्टफोन का यूज करते हैं। लेकिन इनमें से कुछ ऐसे लोग हैं जो रात में सोने से पहले या अंधेरे में भी काफी देर तक स्मार्टफोन का पर काम करते हैं। इसका आंखों और ब्रेन पर काफी बुरा असर पड़ता है। इसको लेकर कई रिसर्च और स्टडीज भी हो चुकी हैं, जिनमें यह साबित हुआ है कि अंधेरे में स्मार्टफोन की स्क्रीन पर काम करना कितना खतरनाक है। इन्हीं रिसर्च और स्टडीज के आधार पर हम बता रहे हैं अंधेरे में स्मार्टफोन यूज करने के 9 साइड इफेक्ट्स। आजकल के समय में ना सिर्फ युवा बल्कि बुजुर्ग भी मोबाइल पर आश्रित होते जा रहे हैं। बिना फोन के लोग खुद को अधूरा और अकेला समझते हैं। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक फोन सांस की तरह साथ रहता है। लेकिन इसके अधिक प्रयोग के कारण कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्य समस्‍यायें होती हैं। इसलिए जरूरी है कि फोन को अपनी जिंदगी में अधिक दखल देने से बचाया जाए। आज हम आपको कुछ ऐसी बीमारियों के बारे में बता रहे हैं जो फोन का अधिक इस्तेमाल करने के चलते होती है।
डिप्रेशन का है बड़ा कारण
रात को सोने से पहले 99 प्रतिशत लोग फोन पर लगे होते हैं। कुछ चैटिंग करते हैं तो कुछ लोग गेम्स खेलते हैं। हाल ही में हुए एक शोध में साफ हुआ है कि अंधेरे में फोन का अधिक इस्तेमाल करने से सिर दर्द, बेचैनी, कंपन, आंखें कमजोर और डिप्रेशन जैसी बड़ी बीमारियां हो सकती हैं। वैसे तो फोन से दूर ही रहना चाहिए। लेकिन अगर आप अंधेरे में फोन का इस्तेमाल करते हैं तो कोशिश करें कि कम से कम छोटी लाइट जरूर जला दें।
नींद का है दुश्मन
अक्सर लोगों की आदत होती है कि जब वो सोने के लिए लेटते हैं तो फोन का इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका मोबाइल फोन आपकी नींद का दुश्मन होता है? दरअसल, आपके स्मार्टफोन से निकलने वाला कृत्रिम प्रकाश अंधेरे में आपके शरीर की मेलाटोनिन उत्पादन करने के क्षमता को प्रभावित करता है। मेलाटोनिन आपको नींद दिलाने वाला रसायन होता है। तो जब आप सोने के समय फोन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो इसके प्रकाश के कारण आपकी नींद भाग जाती है।
पिंपल्स की समस्या
आज-कल मोबाइल फोन लगभग सभी की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। हम सभी दिन का काफी वक्‍त मोबाइल का उपयोग करते हुए बिताते हैं और इस बात से पूरी तरह अनजान होते हैं कि ऐसा करना हमारी त्वचा के लिए नुकदायक सबित हो रहा है। जी हां फोन का अधिक उपयोग करना एक्‍ने का एक कारण बन सकता है। एक अध्ययन से पता चला है कि लगातार गाल से फोन के चिपकाए रखने से त्वचा पर दाने व मुंहासे हो जाते हैं, फिर चाहे आपका फोन साफ और बेक्टीरिया मुक्‍त ही क्यों हो या न हो। दरअसल इसकी वजह से गर्मी और घर्षण उत्पन्न होता है, जिसकी वजह से मुंहासे निकल आते हैं।
झुर्रियों को देता है निमंत्रण
इन दिनों चैट के तमाम विकल्प आ चुके हैं। नई-नई ऐप्स और फिर इंटरनेट पर उपलब्ध टेक्स्ट को पढ़ना अब आम बात है। इस तरह के टेक्स्ट का फोंट अमूमन छोटा होता है। छोटे फोंट की वजह से लोग फोन को इस तरह से देखते हैं कि उनकी भौंहों के बीच झुर्रियां पड़ जाती हैं। इस समस्या से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन का फोंट बडा करें, साथ ही इसकी ब्राइटनेस को भी बढ़ा दें।
रात को मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए। इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। युवा वर्ग के लिए तो मोबाइल जरूरत से ज्यादा फैशन सा बन गया है। अगर किसी के पास मोबाइल नहीं है तो उसको पिछड़ा माना जाता है।मोबाइल की लत युवाओं को अपना इतना आदी बना चुकी है कि कितना ही जरूरी काम हो उसमें भी वह मोबाइल चैक करने का समय तो निकाल ही लेते है। इस तकनीक ने जितनी आसान हमारी जिंदगी की है।लेकिन सेहत के लिए उतनी ही परेशानी उत्पन्न की है। फोन का आवश्यकता से अधिक उपयोग शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है।
मोबाइल के साथ हेडफोन लगाकर गाने सुनना या हेडफोन लगाकर बात करना आजकल का प्रचलन बन गया है। कुछ लोग रात के समय कान में हेडफोन लगाकर गाने सुनते हैं और कानों में हेडफोन लगे रह जाते है और लोगों के नींद आ जाती है जो कि लोगों के लिए खतरनाक साबित होती है। इसके अलावा सुबह में मॉर्निंग वॉक हो या फिर ड्राइविंग के दौरान कान में लंबे समय तक इयरफोन का प्रयोग करना घातक साबित हो सकता है।
यदि आप भी रात को सोते वक्त मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए खास हो सकती है। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी बदलती जा रही है वैसे ही वैसे लोगों का रूचि मोबाइल की ओर तेजी से बढ़ रही है। स्मार्टफोन का क्रेज सबसे अधिक युवा पीढ़ी के लोगों में ज्यादा देखने को मिलता है।मोबाइल ने हमारी जिंदगी आसान तो बना दी है, मगर वहीं उससे हमारी उम्र भी कम होती जा रही है।
हम सोते समय अपने तकिए के पास मोबाइल को रख कर सो जाते हैं और फिर बीच-बीच में उठकर अपने मोबाइल को चैक भी करते रहते हैं, ऐसा करने से पहले तो नींद खराब होती है और साथ ही मोबाइल से निकलने वाली रोशनी से यूजर्स को सबसे अधिक नुकसान पहुँचता है।अंधेरे में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से आपकी आंखों की रोशनी पर भी काफी असर पड़ता है और यहां तक की आपके अंधे होने का भी खतरा भी बढ़ जाता है।

स्रोत:www.fizikamind.in
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